“आधुनिक सामाजिक परिप्रेक्ष्य में रामचरितमानस के नैतिक एवं मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता” (2026) Shiksha Samvad, 4(1), pp. 331–334. doi:10.64880/shikshasamvad.v4i1.38.