“समकालीन सामाजिक एवं वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ‘रश्मिरथी’ और ‘कुरुक्षेत्र’ की प्रासंगिकता: एक आलोचनात्मक अध्ययन” (2026) Shiksha Samvad, 4(1), pp. 341–349. doi:10.64880/shikshasamvad.v4i1.40.