“मजदूर एवं कृषक वर्ग की समस्याएँ: नागार्जुन और रेणु का साहित्यिक परिप्रेक्ष्य” (2026) Shiksha Samvad, 4(1), pp. 70–78. doi:10.64880/shikshasamvad.v4i1.08.