[1]
“बाल अपराध की उभरती प्रवृत्तियों की पहचान और उसके निवारण : एक समाजशास्त्रीय अध्ययन”, ss, vol. 4, no. 1, pp. 241–248, Sep. 2026, doi: 10.64880/shikshasamvad.v4i1.27.