Shiksha Samvad

Shiksha Samvad

International Journal of Multidisciplinary Research

International Open Access, Peer-reviewed & Refereed Journal | ISSN: 2584-0983 (Online)

Call for Paper: Vol. 3 – Issue 2 – December 2025 (Last Date- 31 December 2025)

आधुनिकीकरण के प्रभाव में अहेरिया जाति की बदलती सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक दशाएँ

Vol. 03, Issue 04, Pp. 75–87 |  Published: 12 June 2026

Author(s): ब्रह्मपाल डॉ. कमलेश भारद्वाज

सारांश
प्रस्तुत शोध “आधुनिकीकरण के प्रभाव में अहेरिया जाति की बदलती सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक दशाएँ” पर आधारित है, जिसका उद्देश्य अहेरिया जाति की पारंपरिक सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना तथा वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करना है। भारतीय समाज में जाति व्यवस्था एक महत्वपूर्ण संस्था रही है, जिसने विभिन्न समुदायों के जीवन को गहराई से प्रभावित किया है। इसी संदर्भ में अहेरिया जाति एक ऐसा समुदाय है, जिसकी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक स्थिति पर अपेक्षाकृत कम अध्ययन किया गया है।
इस अध्ययन में सिकंदराबाद तहसील, बुलंदशहर जनपद को अध्ययन क्षेत्र के रूप में चुना गया है, जहाँ से 100 उत्तरदाताओं का चयन किया गया। अध्ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। प्राथमिक आंकड़े साक्षात्कार और प्रश्नावली के माध्यम से एकत्रित किए गए, जबकि द्वितीयक आंकड़े पुस्तकों, शोध पत्रों और सरकारी रिपोर्टों से प्राप्त किए गए हैं।अध्ययन के निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि अहेरिया जाति की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन की स्थिति में है। अधिकांश उत्तरदाता अभी भी पारंपरिक रीति-रिवाजों, विवाह प्रणाली और त्योहारों का पालन करते हैं, जिससे उनकी सांस्कृतिक पहचान मजबूत बनी हुई है। वहीं, शिक्षा, शहरीकरण और तकनीकी विकास के प्रभाव से नई पीढ़ी के विचारों और जीवनशैली में परिवर्तन देखा जा रहा है। आर्थिक दृष्टि से, समुदाय के एक बड़े हिस्से को अस्थायी रोजगार, कम आय और सीमित संसाधनों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ हद तक शिक्षा और सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी मिले हैं। महिलाओं की भागीदारी में भी वृद्धि हुई है, लेकिन लैंगिक असमानता अभी भी मौजूद है।
अतः यह कहा जा सकता है कि अहेरिया जाति एक संक्रमणकालीन अवस्था में है, जहाँ परंपरा और आधुनिकता दोनों का सहअस्तित्व है। इस समुदाय के समग्र विकास के लिए शिक्षा, रोजगार के अवसरों और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य शब्द – अहेरिया जाति, आधुनिकीकरण, सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक भेदभाव, ग्रामीण-नगरीय परिवेश,समुदाय विकास, उत्तर प्रदेश।

Cite this Article: 

ब्रह्मपाल, डॉ. कमलेश भारद्वाज, “आधुनिकीकरण के प्रभाव में अहेरिया जाति की बदलती सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक दशाएँShiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 04, Pp.75-87, June-2026. Journal URL: https://shikshasamvad.com/ 

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