Shiksha Samvad

Shiksha Samvad

International Open Access, Peer-reviewed & Refereed Journal | ISSN: 2584-0983 (Online)

भारत–मध्य पूर्व आर्थिक सहयोग और राजस्थान की उभरती रणनीतिक भूमिका

Vol. 03, Issue 04, Pp. 689–697 |  Published: 20 June 2026

DOI:- https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v3i4.74

Author:राज सिंह इन्दौलिया

सारांश

भारत–मध्य पूर्व आर्थिक सहयोग वर्तमान वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में भारत की व्यापारिक, ऊर्जा एवं रणनीतिक प्राथमिकताओं को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण आयाम बनकर उभरा है। इस संदर्भ में राजस्थान अपनी भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, औद्योगिक आधार, कृषि उत्पादों, खनिज संपदा, हस्तशिल्प तथा पर्यटन क्षमता के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य भारत और मध्य पूर्व के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों के संदर्भ में राजस्थान की उभरती रणनीतिक भूमिका का विश्लेषण करना है। अध्ययन में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग, परिवहन एवं लॉजिस्टिक संपर्क, निर्यात संवर्धन तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। राजस्थान के बंदरगाह-संपर्क मार्गों, औद्योगिक क्षेत्रों और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे से जुड़ाव के माध्यम से मध्य पूर्वी बाजारों तक पहुँच को बढ़ाया जा सकता है। अध्ययन यह रेखांकित करता है कि बेहतर अवसंरचना, नीतिगत सहयोग और निवेश अनुकूल वातावरण राजस्थान को भारत–मध्य पूर्व आर्थिक साझेदारी का महत्वपूर्ण केंद्र बना सकते हैं।

प्रमुख शब्द: भारत–मध्य पूर्व सहयोग, राजस्थान, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, निर्यात, लॉजिस्टिक संपर्क, आर्थिक विकास।

Cite this Article: 

इन्दौलिया, राज सिंह . (2026). भारत–मध्य पूर्व आर्थिक सहयोग और राजस्थान की उभरती रणनीतिक भूमिका. Shiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, 3(4) 689-697, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 04, June-2026.  DOI:- https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v3i4.74

License

Copyright (c) 2025 shiksha samvad
Creative Commons License This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International License.