उच्च माध्यमिक स्तर के प्रतियोगी महिला इंजीनियरिंग परीक्षार्थियों में व्यावसायिक आकांक्षाः लैंगिक दृष्टिकोण और चुनौतियाँ
Author: विश्वजीत तिवारी एवं प्रो० मोनिका अग्रवाल
सारांश (Abstract)
भारतवर्ष में उच्च माध्यमिक स्तर की प्रतियोगी महिला इंजीनियरिंग परीक्षार्थियों में व्यावसायिक आकांक्षा एक जटिल और बहुआयामी विषय है, जो लैंगिक दृष्टिकोण और सामाजिक–आर्थिक चुनौतियों से हमेशा प्रभावित हुआ है। प्रस्तुत अध्ययन, छात्राओं की इंजीनियरिंग क्षेत्र में कैरियर निर्माण की आकांक्षाओं को लैंगिक भूमिकाओं, सामाजिक अपेक्षाओं और संरचनात्मक बाधाओं के संदर्भ में विश्लेषित करता है। भारतीय समाज में, जहाँ लैंगिक रूढ़ियाँ और पितृसत्तात्मक मानदंड अभी भी प्रबल हैं, महिला परीक्षार्थियों को ज्यादातर पारिवारिक दबाव, सामाजिक पूर्वाग्रह, और आत्मविश्वास की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, शिक्षा तक बढ़ती पहुँच, प्रेरक रोल मॉडल और नीतिगत समर्थन ने इन छात्राओं में तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने की महत्वाकांक्षा को बढ़ावा दिया है। यह अध्ययन लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और व्यावसायिक अवसरों में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त करने के लिए समावेशी नीतियों और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल देता है। साथ ही, यह भविष्य के शोध के लिए लैंगिक दृष्टिकोण को समग्र विकास के संदर्भ में विश्लेषित करने का सुझाव देता है।
मुख्य शब्दः व्यावसायिक आकांक्षा, महिला इंजीनियरिंग परीक्षार्थी, लैंगिक दृष्टिकोण, सामाजिक चुनौतियाँ, समावेशी नीतियाँ।
Cite this Article:
विश्वजीत तिवारी एवं प्रो० मोनिका अग्रवाल] “उच्च माध्यमिक स्तर के प्रतियोगी महिला इंजीनियरिंग परीक्षार्थियों में व्यावसायिक आकांक्षाः लैंगिक दृष्टिकोण और चुनौतियाँ” Shiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 02, pp.57-63, December 2025. Journal URL: https://shikshasamvad.com/
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