Shiksha Samvad

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International Open Access, Peer-reviewed & Refereed Journal | ISSN: 2584-0983 (Online)

वर्तमान भारतीय शिक्षा में गौतम बुद्ध के नैतिक शिक्षण की प्रासंगिकता

Vol. 03, Issue 04, Pp. 526–531 |  Published: 20 June 2026

DOI:- https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v3i4.55

Author(s): बिन्दू कुमारी,डॉ0 अखिलेश पटेल 

सारांश 
वर्तमान वैश्वीकरण, मूल्य-संकट, प्रतिस्पर्धा, तनाव और हिंसात्मक प्रवृत्तियों से ग्रस्त शैक्षिक वातावरण में छात्रों के नैतिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास का प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में गौतम बुद्ध की नैतिक शिक्षाएँ जैसे- करुणा, अहिंसा, सत्य, मैत्री, मध्यम मार्ग, ध्यान और सदाचार व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए उत्कृष्ट आधार प्रदान करती हैं। यह शोध पत्र समकालीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में गौतम बुद्ध के नैतिक शिक्षण की प्रासंगिकता का विश्लेषण करता है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि बुद्ध के सिद्धांत छात्रों में न केवल नैतिक चरित्र-निर्माण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मनियंत्रण, सामाजिक सद्भाव और शांतिपूर्ण विद्यालयी वातावरण स्थापित करने में भी अत्यंत प्रभावी हैं।
मुख्य शब्द रू गौतम बुद्ध, मूल्य-आधारित शिक्षा, अष्टांगिक मार्ग, चरित्र-निर्माण, शांति-शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, आधुनिक भारतीय शिक्षा.

Cite this Article: 

बिन्दू कुमारी,डॉ0 अखिलेश पटेल,वर्तमान भारतीय शिक्षा में गौतम बुद्ध के नैतिक शिक्षण की प्रासंगिकताShiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 04, Pp.526- 531, June-2026. Journal URL: https://shikshasamvad.com/ 

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