भारत में ग्रामीण रोजगार एवं श्रम बाजार पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव: ग्रामीण क्षेत्र के विशेष संदर्भ
Author : डॉ सुधीर कुमार सिंह
सारांश
इस अध्ययन का उद्देश्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभावों का विश्लेषण करना है। एआई का प्रवेश रोजगार एवं श्रम बाजार में कई परिवर्तन ला रहा है, विशेषकर कृषि, जानकारियों का प्रसार, सेवाओं का सुधार और सामाजिक सुरक्षा में। स्मार्ट फार्मिंग और निर्णय–समर्थन प्रणाली किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन और जलवायु अनुकूलन में मदद कर रही हैं, जिससे उत्पादन में सुधार और कृषि से जुड़ी जीविका का स्थायित्व बढ़ रहा है। एआई आधारित शैक्षिक, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाएं अधिक प्रभावी और पहुंच योग्य बन रही हैं, जो सामाजिक समावेशन में सहायक हैं। हालांकि, रोजगार विस्थापन और कौशल आवश्यकताओं में बदलाव जैसे मुद्दे भी सामने आए हैं। कौशल उन्नयन और रोजगार सुरक्षा हेतु नीतियों का निर्माण आवश्यक है। क्षेत्रीय स्तर पर योजना बनाकर नई कार्यसंख्या का सृजन करने की जरूरत है। भविष्य में अनुसंधान और नवाचार में और अधिक चुनौती एवं अवसर अपेक्षित हैं, ताकि ग्रामीण रोजगार एवं श्रम बाजार को सुदृढ़ और समावेशी बनाया जा सके।
मुख्य शब्द: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, श्रम बाजार, स्मार्ट फार्मिंग, जलवायु अनुकूलन ।
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डॉ सुधीर कुमार सिंह,“भारत में ग्रामीण रोजगार एवं श्रम बाजार पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव: ग्रामीण क्षेत्र के विशेष संदर्भ” Shiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 03, pp.99-108, March-2026. Journal URL: https://shikshasamvad.com/
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