हाशियाकरण और अल्पसंख्यक अधिकार: भारत में मुसलमानों का मामला: एक शोध अध्ययन
Author:कोमल शर्मा
सारांश
यह शोध पत्र भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के हाशियाकरण और अधिकारों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। शोध अल्पसंख्यक की अवधारणा और विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से प्रारंभ होता है। इसके बाद भारतीय संविधान में अल्पसंख्यकों के लिए उपलब्ध मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति निदेशक तत्वों की चर्चा की गई है। वर्तमान भारत में अल्पसंख्यक समुदाय के समक्ष चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें सच्चर समिति के निष्कर्षों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में मुसलमानों के अल्पप्रतिनिधित्व को दर्शाया गया है। सांप्रदायिक हिंसा और मॉब लिंचिंग की घटनाओं को पूर्वाग्रह और हाशियाकरण के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। क्रिस्टोफर जैफरलोट के विश्लेषण के आलोक में बीजेपी, आरएसएस और हिंदू राजनीति में धार्मिक कट्टरवाद की बढ़ती प्रवृत्ति की समीक्षा की गई है। अंत में, राजीव भार्गव के भारतीय धर्मनिरपेक्षता मॉडल, समूह-विभेदित अधिकारों की अवधारणा, संवैधानिक सुरक्षा उपायों के सही क्रियान्वयन तथा शोधकर्ता के स्वयं के सुझावों के माध्यम से समाधान प्रस्तुत किए गए हैं।
मुख्य शब्द: अल्पसंख्यक, हाशियाकरण, सच्चर समिति, सांप्रदायिक हिंसा, मॉब लिंचिंग, धार्मिक कट्टरवाद, बीजेपी, आरएसएस, भारतीय धर्मनिरपेक्षता, समूह अधिकार
Cite this Article:
कोमल शर्मा, “हाशियाकरण और अल्पसंख्यक अधिकार: भारत में मुसलमानों का मामला: एक शोध अध्ययन” Shiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 04, Pp.107-111, June-2026. Journal URL: https://shikshasamvad.com/
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