ग्रामीण क्षेत्र में विद्यार्थियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर और शैक्षिक उपलब्धि के मध्य संबंध (देवीपाटन मंडल के विशेष संदर्भ में)
Author(s) : मनीष मोदनवाल1, डॉ० सुनीता सिंह2
सारांश
प्रस्तुत शोध-पत्र का मुख्य उद्देश्य देवीपाटन मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययनरत माध्यमिक स्तर (हाई स्कूल) के विद्यार्थियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर (Socio-Economic Status – SES) तथा उनकी शैक्षिक उपलब्धि के मध्य संबंध का अध्ययन करना है। शिक्षा और सामाजिक संरचना के बीच गहरे अंतर्संबंध को ध्यान में रखते हुए यह अध्ययन इस बात की जाँच करता है कि किस प्रकार परिवार की आय, माता-पिता की शिक्षा तथा व्यवसाय जैसे कारक विद्यार्थियों के शैक्षिक प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।
इस अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का उपयोग किया गया है। प्रतिदर्श के रूप में देवीपाटन मंडल के 16 विद्यालयों से कुल 320 ग्रामीण विद्यार्थियों का चयन किया गया, सामाजिक-आर्थिक स्तर के आंकड़ों के संग्रहण के लिए राजीव भारद्वाज द्वारा निर्मित सामाजिक-आर्थिक स्तर मापनी (SESS-BR) का प्रयोग किया गया, और शैक्षिक उपलब्धि सम्बन्धी आंकड़ो के संग्रहण के लिए विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त कक्षा 10 में प्राप्तांको का प्रयोग किया गया | अध्ययन के निष्कर्षों से ज्ञात हुआ कि अधिकांश ग्रामीण विद्यार्थी औसत सामाजिक-आर्थिक श्रेणी में आते हैं तथा उनकी शैक्षिक उपलब्धि पर पारिवारिक पृष्ठभूमि का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। साथ ही यह भी पाया गया कि सामाजिक-आर्थिक स्तर और शैक्षिक उपलब्धि के बीच सकारात्मक सह-संबंध विद्यमान है।
Cite this Article:
मनीष मोदनवाल1, डॉ० सुनीता सिंह2, “ग्रामीण क्षेत्र में विद्यार्थियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर और शैक्षिक उपलब्धि के मध्य संबंध (देवीपाटन मंडल के विशेष संदर्भ में)”Shiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 03, pp.274-283, March-2026. Journal URL: https://shikshasamvad.com/
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