Shiksha Samvad

Shiksha Samvad

International Journal of Multidisciplinary Research

International Open Access, Peer-reviewed & Refereed Journal | ISSN: 2584-0983 (Online)

Call for Paper: Vol. 3 – Issue 2 – December 2025 (Last Date- 31 December 2025)

मुग़लकाल में महिलाओं की दशा का:ऐतिहासिक अध्ययन

Vol. 03, Issue 03, pp. 172–177 |  Published: 15 March 2026

Author : संतोष कुमार दुबे

सार : किसी भी सभ्यता की आत्मा को समझने तथा उसकी उपलब्धियो एवं श्रेष्ठता का मुल्यांकन करने का सर्वोपरी आधार उस काल की महिलाओं की दशा का अध्ययन करना है। स्त्रियों की दशा किसी भी सभ्यता या संस्कृति का मापदंड माना जा सकता है। हॉलाकि भारत में स्त्रियों का इतिहास अत्यन्त गतिशील रहा है। इस लेख के माध्यम से मुगलकालीन महिलाओं की सामाजिक व आर्थिक क्षेत्र में निभाई गई भूमिका को तथ्यों,रीति-रिवाजों के आधार पर परखने की चेष्टा की गई है। मुगल बादशाहों का महिलाओं के प्रति आचरण,व्यवहार,आदर,सम्मान एवं सहानुभूति की समीक्षा करने का प्रयास किया गया है। व्यापार एवं वाणिज्य,प्रशासनिक संचालन और वित्तीय प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका के योगदान का भी ऐतिहासिक साहित्यक ग्रंथो के आधार पर समझने का प्रयास किया गया है ।

कुँजी शब्द :- सम्भ्रान्त वर्ग, पादशाह बेगम, ‘शिकस्त’, ‘नस्तलीक’ और ‘नस्ख’ सोहल और ध्रुपद,अतुन मामा ,हरम ,जनानखाना ,सती प्रथा, जौहर ,किञ्चनी ,पर्दा प्रथा , बहुविवाह , जागीर ।

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संतोष कुमार दुबे, मुग़लकाल में महिलाओं की दशा का:ऐतिहासिक अध्यय Shiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 03, pp.172-177, March-2026. Journal URL: https://shikshasamvad.com/

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