शिक्षक प्रशिक्षकों में व्यावसायिक तनाव के स्रोत एवं उनका प्रभाव
Author(s):प्रदीप कुमार विश्वकर्मा1, सुनील कुमार तिवारी2
सार
शिक्षक प्रशिक्षकों में व्यावसायिक तनाव आज भारतीय उच्च शिक्षा के संदर्भ में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। मध्यप्रदेश के बी.एड. महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक प्रशिक्षक अत्यधिक कार्यभार, भूमिका द्वंद्व, प्रशासनिक दबाव एवं संसाधनों की कमी जैसी स्थितियों का सामना करते हैं, जो उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य मध्यप्रदेश के चयनित बी.एड. महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक प्रशिक्षकों में व्यावसायिक तनाव के प्रमुख स्रोतों की पहचान करना तथा उनके व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया है। 150 शिक्षक प्रशिक्षकों से उदय पारीख के संगठनात्मक भूमिका तनाव मापनी एवं स्व-निर्मित प्रश्नावली के माध्यम से आँकड़े एकत्र किए गए। परिणामों से स्पष्ट हुआ कि 73% शिक्षक प्रशिक्षकों ने उच्च कार्यभार, 68% ने भूमिका द्वंद्व एवं 61% ने संसाधनों की कमी को प्रमुख तनाव स्रोत के रूप में चिह्नित किया। तनाव का प्रभाव उनकी नौकरी संतुष्टि, शारीरिक स्वास्थ्य तथा अध्यापन गुणवत्ता पर प्रतिकूल पाया गया।
मुख्य शब्द: व्यावसायिक तनाव, शिक्षक प्रशिक्षक, बी.एड. महाविद्यालय, कार्यभार, भूमिका द्वंद्व
Cite this Article:
प्रदीप कुमार विश्वकर्मा1, सुनील कुमार तिवारी2, “शिक्षक प्रशिक्षकों में व्यावसायिक तनाव के स्रोत एवं उनका प्रभाव” Shiksha Samvad International Open Access Peer-Reviewed & Refereed Journal of Multidisciplinary Research, ISSN: 2584-0983 (Online), Volume 03, Issue 04, Pp.119-125, June-2026. Journal URL: https://shikshasamvad.com/
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