शेखावाटी क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से विरासत पर्यटन विकास का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.10Keywords:
शेखावाटी, विरासत पर्यटन, सार्वजनिक-निजी सहभागिता, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन विकास, स्थानीय समुदाय, सतत पर्यटन, विरासत संरक्षण।Abstract
प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य शेखावाटी क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से विरासत पर्यटन के विकास की संभावनाओं, चुनौतियों तथा प्रभावों का विश्लेषण करना है। शेखावाटी अपनी भित्तिचित्रों से सुसज्जित हवेलियों, किलों, मंदिरों, लोक परंपराओं एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण राजस्थान के प्रमुख विरासत पर्यटन क्षेत्रों में विशिष्ट स्थान रखता है। अध्ययन में यह समझने का प्रयास किया गया है कि सरकारी संस्थाओं, स्थानीय निकायों, निजी पर्यटन उद्यमों, स्थानीय समुदायों तथा विरासत संरक्षण संस्थाओं के समन्वित प्रयास किस प्रकार क्षेत्र में पर्यटन अवसंरचना, संरक्षण, रोजगार तथा स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकते हैं। साथ ही, पर्यटक सुविधाओं, विपणन, डिजिटल प्रचार, निवेश, संरक्षण एवं समुदाय की भागीदारी से संबंधित प्रमुख मुद्दों का विश्लेषण किया जाएगा। अध्ययन से अपेक्षा है कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के लिए प्रभावी एवं टिकाऊ मॉडल विकसित करने में उपयोगी सुझाव प्राप्त होंगे, जिससे शेखावाटी की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के साथ-साथ समावेशी क्षेत्रीय विकास को भी गति मिल सके।