राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में, कानपुर जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों में शैक्षिक प्रौद्योगिकी की स्थिति: एक तुलनात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.18Keywords:
डिजिटल पेडागाॅजी, शिक्षक-शिक्षा, सूचना एवं प्रौधोगिकी (प्ज्ब्) ई-लर्निंग, इंटरैक्टिव, मल्टीमीडियाAbstract
वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग तीव्र गति से बढ़ रहा है । राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने शिक्षा में डिजिटल संसाधनों के समावेशन पर विशेष बल दिया है, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को आधिक प्रभावी-सुलभ एवं समावेशी बनाया जा सके। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में डिजिटल प्रौद्योगिकी की उपलब्धता, उपयोग तथा प्रभाव का तुलनात्मक अध्ययन करना है। इस अध्ययन में यह विश्लेषण किया गया है कि कानपुर जनपद में स्थित शहरी क्षेत्रों के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में डिजिटल संसाधनों जैसे (इंटरनेट, स्मार्ट डिवाइस, ई-लर्निग प्लेटफार्म) की उपलब्धता अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों में संसाधनो की कमी, तकनीकी ज्ञान का अभाव तथा आधारभूत संरचना की सीमाएं, प्रमुख बाधाएं हैं। इसके बावजूद, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत चलाए जा रहे विभिन्न डिजिटल प्रयास (जैसे आॅनलाइन शिक्षा, डिजिटल कंटेंट, शिक्षक प्रशिक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे सकारात्मक परिवर्तन ला रहें हैं । अध्ययन के लिए सर्वेक्षण विधि का उपयोग किया गया, जिसमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से प्राप्त आंकडो का विश्लेषण किया गया। निष्कर्षो से यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल विभाजन अभी भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है, जिसे दूर करने के लिए सरकारी एवं संस्थागत स्तर पर ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। अतः यह शोध, सुझाव देता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना का सुदृढीकरण, शिक्षक प्रशिक्षण तथा सस्ती एवं सुलभ तकनीकी सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि एन0ई0पी0 2020 के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति हो सके और शिक्षा में समानता सुनिश्चित की जा सके।Downloads
Published
2026-09-16
Issue
Section
Articles
How to Cite
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में, कानपुर जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों में शैक्षिक प्रौद्योगिकी की स्थिति: एक तुलनात्मक अध्ययन. (2026). Shiksha Samvad, 4(1), 165-172. https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.18