किशोरवय विद्यार्थियों की आध्यात्मिक बुद्धि एवं संवेगात्मक परिपक्वता: एक सहसम्बंधात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.23Keywords:
आध्यात्मिक बुद्धि, संवेगात्मक परिपक्वता, व्यक्तित्व विकास, किशोर विद्यार्थी, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयAbstract
प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य किशोरवय विद्यार्थियों की आध्यात्मिक बुद्धि एवं संवेगात्मक परिपक्वता के मध्य सहसम्बन्ध का अध्ययन करना था। अध्ययन में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत 77 विद्यार्थियों (33 छात्र एवं 44 छात्राएँ) को सुविधाजनक न्यादर्श पद्धति द्वारा चयनित किया गया। अध्ययन सर्वेक्षणात्मक शोध विधि पर आधारित था। आँकड़ों के संकलन हेतु के. एस. मिश्रा द्वारा विकसित एवं मानकीकृत आध्यात्मिक बुद्धि मापनी तथा सोनल शर्मा एवं मोहम्मद शाकिर द्वारा विकसित एवं मानकीकृत संवेगात्मक परिपक्वता मापनी का उपयोग किया गया। प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण हेतु पीयरसन के गुणन-आघूर्ण सहसम्बन्ध गुणांक का प्रयोग किया गया। अध्ययन के परिणामों से ज्ञात हुआ कि छात्रों में आध्यात्मिक बुद्धि एवं संवेगात्मक परिपक्वता के मध्य सार्थक धनात्मक सहसम्बन्ध (r = 0.705) पाया गया। समस्त विद्यार्थियों के स्तर पर भी दोनों चरों के मध्य सार्थक धनात्मक सहसम्बन्ध (r = 0.323) प्राप्त हुआ, जबकि छात्राओं में यह सहसम्बन्ध सार्थक नहीं पाया गया (r = 0.147)। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि आध्यात्मिक बुद्धि किशोर विद्यार्थियों की संवेगात्मक परिपक्वता से सकारात्मक रूप से सम्बद्ध है। अध्ययन के निष्कर्ष विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास तथा विद्यालयों में आध्यात्मिक एवं मूल्यपरक शिक्षा कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।