पूर्व-माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के भाषा एवं गणितीय अधिगम कौशल के विकास का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.25Keywords:
आधारभूत साक्षरता, भारतीय विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था, भाषायी, संज्ञानात्मक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020Abstract
आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान वर्तमान भारतीय विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पश्चात् आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान को मजबूत करने के लिए निपुण भारत मिशन प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों में समझ के साथ पढ़ने, लिखने तथा मूलभूत गणितीय अवधारणाओं को समझने और उनका दैनिक जीवन में प्रयोग करने की क्षमता विकसित करना है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, आधारभूत चरण 2022 भी बच्चों में भाषायी, संज्ञानात्मक तथा संख्यात्मक क्षमताओं के विकास को प्रारंभिक शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार मानती है। अध्ययन वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक प्रकृति का है तथा मुख्यतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, निपुण भारत दिशा-निर्देश, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् के आधारभूत अधिगम अध्ययन, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, विद्यालयी शिक्षा से संबंधित नवीनतम सरकारी आँकड़ों तथा उपलब्ध शैक्षिक साहित्य का विषयगत विश्लेषण किया गया है। आधारभूत अधिगम अध्ययन 2022 को विशेष संदर्भ के रूप में लिया गया है, क्योंकि इसमें आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान की उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आधारभूत जानकारी और दक्षता-मानक विकसित करने का प्रयास किया गया था।Downloads
Published
2026-09-25
Issue
Section
Articles
How to Cite
पूर्व-माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के भाषा एवं गणितीय अधिगम कौशल के विकास का अध्ययन. (2026). Shiksha Samvad, 4(1), 225-231. https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.25