ग्रामीण विकास एवं सामाजिक जागरूकता में प्रिंट मीडिया की भूमिका: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.29Keywords:
ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता, प्रिंट मीडिया, ग्रामीण समाज, सामाजिक परिवर्तन, समाचार-पत्र, विकास संचार।Abstract
भारत की सामाजिक संरचना में ग्रामीण समाज का विशेष महत्व है। ग्रामीण क्षेत्र केवल कृषि एवं प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित अर्थव्यवस्था का आधार नहीं हैं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक जीवन की महत्वपूर्ण इकाई भी हैं। ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में आर्थिक प्रगति के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, राजनीतिक सहभागिता तथा सरकारी योजनाओं तक पहुँच जैसी सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी आवश्यक है। इन आवश्यकताओं से संबंधित सूचना ग्रामीण समुदाय तक पहुँचाने में संचार माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डिजिटल माध्यमों के तेजी से विस्तार के बावजूद समाचार-पत्र और अन्य मुद्रित माध्यम ग्रामीण समाज में सूचना, ज्ञान और सामाजिक जागरूकता के महत्वपूर्ण स्रोत बने हुए हैं।
प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य ग्रामीण विकास तथा सामाजिक जागरूकता के निर्माण में प्रिंट मीडिया की भूमिका का समाजशास्त्रीय विश्लेषण करना है। अध्ययन में ग्रामीण समस्याओं, मीडिया तथा सामाजिक परिवर्तन के मध्य संबंधों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। विशेष रूप से सहारनपुर जनपद के संदर्भ में यह समझने का प्रयास किया गया है कि मीडिया ग्रामीण समाज की समस्याओं को किस प्रकार उजागर करता है, उनके समाधान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करता है तथा सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को किस सीमा तक प्रभावित करता है। साथ ही मीडिया के सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ डिजिटल असमानता, भ्रामक सूचनाओं तथा सांस्कृतिक संक्रमण जैसी चुनौतियों का भी विश्लेषण किया गया है।