उत्तर प्रदेश एवं भारत में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग का तुलनात्मक विश्लेषण मुरादाबाद मंडल के विशेष संदर्भ में

Authors

  • उमेश कुमार शोधार्थी, क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग, महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली (उ०प्र०) Author
  • डॉ० सूरज शर्मा शोध निर्देशक, असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र, श्यामसुन्दर (पी०जी०) कॉलेज, चन्दौसी, सम्भल (उ०प्र०) Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.35

Keywords:

मातृत्व स्वास्थ्यए प्रसवपूर्व जाँचए संस्थागत प्रसवए प्रसवोत्तर देखभालए स्वास्थ्य सेवा उपयोगए मुरादाबाद मंडलए उत्तर प्रदेशए क्षेत्रीय असमानता।

Abstract

सुरक्षित मातृत्व के लिए गर्भावस्था का समयबद्ध पंजीकरणए पर्याप्त प्रसवपूर्व परीक्षणए प्रशिक्षित देखभालए सुरक्षित संस्थागत प्रसव तथा प्रसवोत्तर स्वास्थ्य जाँच की निरंतरता आवश्यक है। प्रस्तुत अध्ययन भारत एवं उत्तर प्रदेश में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग की तुलना करता है तथा मुरादाबाद मंडल के मुरादाबादए अमरोहाए बिजनौरए रामपुर और सम्भल जिलों की उपलब्ध प्रशासनिक प्रगति की पृथक विवेचना करता है। अध्ययन में चौथे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण ;२०१५दृ१६द्धए पाँचवें सर्वेक्षण ;२०१९दृ२१द्ध और १५ नवंबर २०२२ की प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य पोर्टल समीक्षा के प्रकाशित द्वितीयक आँकड़ों का वर्णनात्मक विश्लेषण किया गया है। पाँचवें सर्वेक्षण में चार अथवा अधिक प्रसवपूर्व जाँच का राष्ट्रीय स्तर ५८ण्१ प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में ४२ण्४ प्रतिशत थाए जबकि संस्थागत प्रसव क्रमशः ८८ण्६ और ८३ण्४ प्रतिशत दर्ज हुआ। राज्य में नियमित प्रसवपूर्व जाँच के शहरीदृग्रामीण अंतर तथा मंडल के प्रशासनिक संकेतकों में जिलावार विविधता स्पष्ट होती है। निष्कर्ष बताते हैं कि संस्थागत प्रसव बढ़ना समग्र मातृत्व देखभाल की पूर्णता का विकल्प नहीं है। शीघ्र पंजीकरणए नियमित अनुवर्ती जाँचए सम्मानजनक प्रसव सेवाओंए प्रभावी रेफरल तथा अभिलेखों के बेहतर मिलान पर आधारित स्थानीय कार्ययोजना आवश्यक है।

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Published

2026-09-30

How to Cite

उत्तर प्रदेश एवं भारत में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग का तुलनात्मक विश्लेषण मुरादाबाद मंडल के विशेष संदर्भ में. (2026). Shiksha Samvad, 4(1), 303-314. https://doi.org/10.64880/shikshasamvad.v4i1.35